ये ज़िन्दगी ….

आज पहली बार यह देखा की इंसान ज़िन्दगी और मौत के बीच कैसे झूलता है,
पल पल कोई अपनों को कैसे मरते हुए देखता है,
सब कहते है ज़िन्दगी होती है दो पल की,
पर उस दो पल का हिसाब सारी ज़िन्दगी देना होता है ||

कहाँ से आया इंसान, किसी को कुछ पता नहीं,
कहाँ जायेगा इंसान, किसी को कुछ पता नहीं,
सिर्फ कुछ यादें छोड़ जायेगा यह इंसान, जिन्हें भुला पाओगे न कभी,
उनके सहारे जीना सिखा देगी ज़िन्दगी ||

कोई आज है, कल नहीं,
कोई कल था, आज नहीं,
किसी को समय रहते कुछ कह न पाए,
आज वो नहीं है तो भीगी पलकों के साथ उनकी याद सताए ||

ए इंसान हमेशा याद रखना,
अगर कहनी हो किसी से कोई बात, तो दिल में न रखना,
आज मौका है, क्या पता कल हो न हो,
ज़िन्दगी का कुछ पता नहीं, आज है कल का भरोसा नहीं ||

                                                                           –
                                                                              यतिन

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